भोपाल। पत्रकार:- शेख आरिफ।
कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले मिलेंगी दो जोड़ी सिली-सिलाई गणवेश
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और छात्रहितैषी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को अब सिली-सिलाई (रेडीमेड) गणवेश उपलब्ध कराई जाएगी।अब तक सरकार द्वारा विद्यार्थियों के खातों में गणवेश खरीदने के लिए राशि अंतरित की जाती थी, लेकिन यह बात मुख्यमंत्री के संज्ञान में आई कि कई परिवार निर्धारित राशि में गुणवत्तापूर्ण गणवेश नहीं खरीद पा रहे थे। कई मामलों में अभिभावकों को अतिरिक्त राशि भी खर्च करनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर बोझ बढ़ता था।इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विद्यार्थियों को सीधे तैयार गणवेश उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सभी बच्चों को एक समान और गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म मिल सकेगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पहले ही दो जोड़ी गणवेश उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गणवेश वितरण समयबद्ध तरीके से किया जाए तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।सरकार का मानना है कि इस निर्णय से अभिभावकों को राहत मिलेगी, बच्चों में समानता की भावना मजबूत होगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। गणवेश उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने के लिए निविदा प्रक्रिया का दायित्व मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम को सौंपा गया है।यह निर्णय प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिससे नए शिक्षा सत्र की शुरुआत और अधिक व्यवस्थित एवं सुगम हो सकेगी।
