सोहागपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर विकास प्रस्फुटन समिति सोहागपुर के तत्वावधान में स्थानीय विश्राम गृह में एक प्रेरणादायी पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वृक्षारोपण को लेकर व्यापक जनजागरण किया गया तथा नागरिकों से प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।संगोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति शुक्ला ने की। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष अश्वनी सरोज, नगर विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष अभिनव पालीवाल, सचिव ऋषभ गढ़वाल, पार्षद रवि उईके, अंकुश जायसवाल सहित नगर के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन के दौर में जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं। उन्होंने वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा अधिक से अधिक पौधारोपण के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण तैयार करने पर बल दिया।इस अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तृतीय चरण की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, जो 5 जून से 30 जून 2026 तक संचालित होगा। अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के कुओं, बावड़ियों एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रधानमंत्री के आह्वान पर संचालित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के संभागीय प्रतिनिधि कौशलेश तिवारी एवं जिला प्रतिनिधि पवन सहगल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही यह अभियान सफल हो सकता है।संगोष्ठी में जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक किशोर करौली, नरेंद्र देशमुख, विकासखंड बाबई एवं माखननगर के प्रतिनिधियों सहित कमल सिंह किरार, संदेश मिश्रा, गजेंद्र ठाकुर, राकेश गोस्वामी, हर्ष तिवारी, संदीप मालवीय, अनिल चौधरी, ललित कुमार मौर्य एवं अखिलेश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया और आगामी एक माह तक चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
