सोनपुर में ‘सतपुड़ा संवाद’, 682 विद्यार्थियों को दिलाई ‘सतपुड़ा साथी’ की शपथ, 95 चरवाहे बने ‘बाघ मित्र’

सोहागपुर// अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 2026 के उपलक्ष्य में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व द्वारा 16 से 29 जुलाई तक आयोजित किए जा रहे ‘बाघ पखवाड़ा’ के अंतर्गत शुक्रवार को विभिन्न स्थानों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन में बाघ संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और प्राकृतिक आवास के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। ईको विकास समिति सोनपुर में आयोजित ‘सतपुड़ा संवाद’ कार्यक्रम में ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, ईको-सेंसिटिव क्षेत्र की जानकारी, कौशल उन्नयन तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
विवेकानंद विद्यालय सोहागपुर एवं एकीकृत माध्यमिक शाला में 682 विद्यार्थियों को बाघों के महत्व, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी गई। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को ‘सतपुड़ा साथी’ के रूप में वन्यजीव संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
इधर, ईको सेंटर मटकुली में आयोजित चरवाहा सम्मेलन में 95 चरवाहों को ‘बाघ मित्र’ बनाया गया। उन्हें जंगल में मवेशी चराने के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों, वन्यजीवों की रक्षा तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना वन विभाग को देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में चरवाहों को टिफिन और छाते भी वितरित किए गए।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें स्टार लगाकर सम्मानित किया गया। वहीं पिपरिया के दुर्गा मंदिर चौराहे पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से 29 जुलाई तक बाघ संरक्षण संबंधी जागरूकता संदेशों का प्रसारण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों को भी संरक्षण का संदेश मिल रहा है। वन विभाग के अनुसार, ‘बाघ पखवाड़ा’ अभियान के तहत अब तक कुल 9,649 लोगों एवं छात्र-छात्राओं को बाघ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा चुका है।
