पत्रकार:- शेख आरिफ।
कलेक्टर के निर्देश पर निरीक्षण के दौरान खुली गड़बड़ी, श्रम विभाग की तत्परता से श्रमिकों को मिला न्याय

नर्मदापुरम/सोहागपुर। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार औद्योगिक क्षेत्र मोहासा में श्रम विभाग द्वारा निरीक्षण एवं श्रमिकों की स्थिति का जायजा लिया गया। प्रवासी श्रमिकों की जानकारी प्रवासी पोर्टल पर दर्ज करने के उद्देश्य से किए गए इस निरीक्षण के दौरान श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान किए जाने का मामला सामने आया। श्रम निरीक्षक सरिता साहू ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत कर मजदूरी संबंधी जानकारी प्राप्त की। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन 370 रुपये मजदूरी मिल रही है तथा वे पेटी ठेकेदार दिनेश जाट (अलवर, राजस्थान) के माध्यम से कार्यरत हैं। जानकारी मिलने पर श्रम निरीक्षक ने संबंधित पेटी ठेकेदार को मौके पर बुलाकर पूछताछ की। जांच के दौरान मुख्य ठेकेदार सिंघानिया इंफ्रा से प्राप्त जानकारी में खुलासा हुआ कि श्रमिकों के भुगतान के लिए पेटी ठेकेदार को 480 रुपये प्रतिदिन की दर से राशि उपलब्ध कराई जा रही थी। इसके बावजूद श्रमिकों को निर्धारित राशि से कम भुगतान किया जा रहा था। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए श्रम विभाग ने तत्काल हस्तक्षेप किया और श्रमिकों को न्यूनतम वेतन से कम प्राप्त अंतर राशि तथा ओवरटाइम का भुगतान सुनिश्चित कराया। कार्रवाई के तहत 08 श्रमिकों को कुल 42 हजार 190 रुपये की राशि दिलाई गई।
भविष्य में कम मजदूरी देने पर होगी कार्रवाई :- श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू ने संबंधित ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी 478 रुपये प्रतिदिन से कम किसी भी श्रमिक को भुगतान न किया जाए। साथ ही श्रमिकों को अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए आश्वस्त किया कि भुगतान या श्रम संबंधी किसी भी समस्या की स्थिति में वे सीधे संपर्क कर सकते हैं।
