रेलवे टिकट चेकिंग टीम की सतर्कता से खुला फर्जीवाड़ा, नकली सील, पहचान पत्र, यूनियन कार्ड, नकदी और पिस्टल जैसी दिखने वाली लाइटर बरामद

सोहागपुर/इटारसी। काशी एक्सप्रेस में टीटीई बनकर यात्रियों के टिकट चेक करने और उनसे अवैध रूप से पैसे वसूलने वाले एक शातिर ठग को रेलवे की टिकट चेकिंग टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी को इटारसी स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम के हवाले कर दिया गया, जहां उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, रेलवे को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ट्रेनों में फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से टिकट जांच के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है। सूचना के आधार पर टिकट चेकिंग स्टाफ ने ट्रेन नंबर 15018 काशी एक्सप्रेस में निगरानी शुरू की। स्लीपर कोच एस-1 में संदिग्ध व्यक्ति यात्रियों के टिकट जांचते हुए मिला। टीम ने पहले उसकी गतिविधियों का वीडियो बनाया और फिर पूछताछ के लिए उसे रोक लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अरुण कुमार यादव (54 वर्ष) निवासी सोहागपुर, जिला नर्मदापुरम बताया। इसके बाद तत्काल भोपाल कमर्शियल कंट्रोल को सूचना दी गई और ट्रेन के इटारसी पहुंचते ही आरपीएफ एवं जीआरपी ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से फर्जी रेलवे सील, नकदी, यूनियन कार्ड, पहचान पत्र तथा पिस्टल जैसी दिखने वाली लाइटर बरामद हुई। बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया है।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204, 337, 338, 319(2) एवं 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा टिकट जांच या पैसे की मांग किए जाने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या आरपीएफ को सूचना दें, ताकि ऐसे फर्जीवाड़े पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
