विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर चला संयुक्त जागरूकता अभियान

सरिता साहू बोलीं— बाल श्रम रोकना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी

संवाददाता:- शेख आरिफ

सोहागपुर। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला टास्क फोर्स द्वारा शहर में बाल श्रम की पहचान, रोकथाम एवं विमुक्ति के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। श्रम विभाग के नेतृत्व में पुलिस, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त दल ने बस स्टैंड, मुख्य बाजार सहित विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों, संस्थान संचालकों एवं आम नागरिकों को बाल श्रम कानून के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष तक के किशोरों को खनन, ज्वलनशील पदार्थ, विस्फोटक एवं अन्य खतरनाक प्रक्रियाओं से जुड़े कार्यों में नियोजित करना कानूनन अपराध है।


श्रम निरीक्षक सरिता साहू ने बताया कि बालकों का नियोजन तथा किशोर श्रमिकों को खतरनाक उद्योगों में कार्य पर रखना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी नियोजक को न्यूनतम छह माह से अधिकतम दो वर्ष तक के कारावास अथवा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों दंडों का प्रावधान है। दल ने बस स्टैंड एवं बाजार क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर ‘बाल श्रम निषेध’ के स्टीकर लगाए तथा पम्पलेट वितरित कर लोगों को जागरूक किया। अभियान के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई कि वे बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें। इस अवसर पर श्रम निरीक्षक सरिता साहू की सक्रियता, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता विशेष रूप से सराहनीय रही। उनके नेतृत्व में चलाए गए जागरूकता अभियान ने न केवल लोगों को कानून की जानकारी दी, बल्कि बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में उनका यह प्रयास प्रेरणादायक माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!