लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समय-सीमा में निपटाएं, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर सोमेश मिश्रा

राहत प्रकरणों की रिपोर्ट 48 घंटे में शासन तक भेजने के निर्देश, राजस्व वसूली, सीमांकन और लैंड बैंक तैयार करने पर दिया जोर

सोहागपुर/नर्मदापुरम। कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित रेवा सभा कक्ष में जिले के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राजस्व प्रकरणों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत कोई भी प्रकरण निर्धारित समय-सीमा से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। यदि समय-सीमा के बाद भी प्रकरण लंबित पाए गए तो संबंधित एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की जवाबदेही तय करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा तथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी राजस्व अधिकारियों को नियमित रूप से न्यायालय संचालन करने और एसडीएम को इसकी सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील स्तर पर सीमांकन के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त सीमांकन संबंधी आवेदनों का भी समय-सीमा में निपटारा कर आवेदकों को सूचना उपलब्ध कराने को कहा।

बैठक में भू-अर्जन से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने वन व्यवस्थापन, वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तन तथा विस्थापित ग्रामों के अधिकार अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को वन विभाग एवं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के साथ प्रत्येक वैकल्पिक सप्ताह में संयुक्त बैठक आयोजित कर इन मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।स्वामित्व योजना के तहत सभी तहसीलों में आरओआर एवं द्वितीय प्रशासन से संबंधित लंबित प्रकरणों के निपटारे के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी एवं एनपीसीआई कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित तहसीलदारों को एक-एक हजार रुपये रेडक्रॉस सोसायटी में जुर्माने के रूप में जमा कराने के निर्देश भी दिए। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुविभाग में राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।राहत शाखा से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक राहत प्रकरण की रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर शासन स्तर तक भेजी जाए तथा सीएमएचओ द्वारा परीक्षण रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि राहत प्रकरणों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।बैठक में सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुविभाग में लैंड बैंक तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही खेल विभाग द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए उपयुक्त राजस्व भूमि का चिन्हांकन कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा जिले में प्रोजेक्ट दामिनी के अंतर्गत ग्रामीण एवं विकासखंड स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा नागरिकों को दामिनी ऐप के उपयोग और संचालन का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए गए।बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश शुक्ला सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!