एसपी साईं कृष्णा थोटा ने वीडियो बनाकर किया लगों को जागरूक वहान रिकवरी से संबंधित नियमों की दी जानकारी
संवाददाता:- शेख आरिफ।
सोहागपुर/नर्मदापुरम// वाहन ऋण की किस्तें जमा न होने की स्थिति में बैंकों और रिकवरी एजेंटों द्वारा की जाने वाली जबरन कार्रवाई पर सख्ती बढ़ा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों के मुताबिक, किसी भी वाहन की जबरन या बलपूर्वक पोजेशन (रिकवरी) करना गैरकानूनी है और इस पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती हे नियमों के अनुसार बैंक या उनके अधिकृत रिकवरी एजेंट बिना पूर्व नोटिस दिए वाहन जब्त नहीं कर सकते, केवल लोन एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार ही कार्रवाई कर सकते हैं, रिकवरी के दौरान वैध पहचान पत्र और अधिकृत दस्तावेज रखना अनिवार्य है, किसी भी प्रकार का दबाव, धमकी या अभद्र व्यवहार नहीं कर सकते।
ICICI Bank से जुड़े मामलों समेत कई याचिकाओं में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि रिकवरी की प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक और पारदर्शी होनी चाहिए।
जबरदस्ती पर दर्ज होगी एफआईआर:- यदि किसी वाहन मालिक की गाड़ी को जबरन छीना जाता है या उसे डराकर कब्जे में लिया जाता है, तो यह आपराधिक कृत्य माना जाएगा। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
नर्मदापुरम एसपी ने वीडियो जारी कर किया जागरूक:- इसी कड़ी में नर्मदापुरम जिले के पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस. थोटा ने एक वीडियो संदेश जारी कर आम नागरिकों को जागरूक किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में रिकवरी एजेंट सड़क पर चलती गाड़ी को जबरन नहीं रोक सकते और न ही बलपूर्वक कब्जा कर सकते हैं।
एसपी ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
नागरिकों के लिए सलाह:- वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे: लोन एग्रीमेंट की शर्तों की जानकारी रखें, किसी भी अवैध रिकवरी प्रयास का विरोध करें, और आवश्यक होने पर तुरंत पुलिस की मदद लें।
