सोहागपुर: स्कूलों में बड़ी लापरवाही उजागर: समय से पहले बंद मिलीं शालाएं, शिक्षक गायब, छात्रों की उपस्थिति भी बेहद कम

औचक निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल, कई शिक्षकों को थमाए गए कारण बताओ नोटिस, वेतन रोकने की कार्रवाई की तैयारी

सोहागपुर// विकासखंड की शासकीय शालाओं के औचक निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। सहायक संचालक राकेश कुमार उइके एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक राकेश रघुवंशी द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में तीन स्कूल निर्धारित समय से पहले बंद मिले, जबकि एक स्कूल में शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा दो हायर सेकेंडरी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बेहद कम तथा विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली।निरीक्षण के दौरान हायर सेकेंडरी स्कूल बालक शोभापुर, शासकीय कन्या उमावि शोभापुर, एकीकृत हाईस्कूल भटगांव, एकीकृत माध्यमिक शाला सेंकाखेड़ी, प्राथमिक शाला महुयाखेड़ा कलां एवं माध्यमिक शाला खिड़िया का निरीक्षण किया गया। इसमें हाईस्कूल भटगांव, एकीकृत माध्यमिक शाला सेंकाखेड़ी और प्राथमिक शाला महुयाखेड़ा कलां समय से पहले बंद पाए गए, जबकि माध्यमिक शाला खिड़िया में शिक्षक रामकिशन पटेल बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले।

निरीक्षण के आधार पर संबंधित शिक्षकों—दुर्गा उइके, काशीराम कुशवाहा, अरुण भार्गव, सुनील ग्रेवाल, पवन दीक्षित, मनीष चांडक एवं रामकिशन पटेल—को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित दिवस का वेतन काटने सहित नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। समय से पहले बंद मिली शालाओं के सभी शिक्षकों का वेतन रोकने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।वहीं बालक एवं कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल शोभापुर में छात्रों की बेहद कम उपस्थिति और परिसर में गंदगी मिलने पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताते हुए तीन दिनों के भीतर सुधार के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि विकासखंड की सभी शालाओं का इसी प्रकार लगातार औचक निरीक्षण किया जाएगा और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही कई गंभीर सवाल खड़े करती है। समय से पहले स्कूल बंद होना, शिक्षकों का बिना सूचना अनुपस्थित रहना और छात्रों की कम उपस्थिति यह दर्शाती है कि कहीं न कहीं निगरानी व्यवस्था में भी कमी है। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा देखने को न मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!