गाडरवारा / विगत दिनोें चेतना साहित्य मंच के तत्वाधान मेें अखिल भारतीय साहित्य सम्मान एवं कृति विमोचन को कार्यक्रम वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता मेें एवं म.प्र. राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं पूर्व विधायक श्रीमती साधना स्थापक, रोटे. मिनेन्द्र डागा, श्रीमती अभिलाषा शर्मा, एवं नवोदियन हरीश कोरी के आतिथ्य मेें स्थानीय कालेज आडिटोरियम के सभाकक्ष मेें सम्पन्न हुआ ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ, सरस्वती वंदना सुनील तन्हा ने प्रस्तुत की । कृतियों के विमोचन के पूर्व चेतना के सरंक्षक मिनेन्द्र डागा ने अपने स्वागत भाषण मेेें देश के विभिन्न अंचलों से आए हुए साहित्यकारों का शाब्दिक स्वागत करते हुए कहा कि गाडरवारा ओशों की उर्जा से पूर्ण एवं मॉ नर्मदा के आंचल से सिंचित भूमि हैं जहां साहित्य के प्रति अनूठा उत्साह हमेशा महसूस किया जाता है ।
साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव की चार कृतियां श्याम टाकीज कहानी संग्रह, पुरानी गल्ला मंडी कहानी संग्रह, सोमवार सात अगस्त कहानी संग्रह एवं खसुआ उपन्यास का विमोचन मंचासीन अतिथियों द्वारा करतल ध्वनि के बीच किया गया । अभिलाषा शर्मा की कृति ‘‘अभिव्यक्ति’ का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया । ज्ञातव्य रहे कि कुशलेन्द्र श्रीवास्तव की 67 कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं ।
वेणी शंकर पटैल ने इन चारों कृतियों की समीक्षा प्रस्तुत की वहीं अभिलाषा शर्मा की कृति की समीक्षा श्रीमती अनुराधा यादव ने प्रस्तुत करते हुए कृतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की । इस अवसर पर कृतिकार कुश्लेन्द्र श्रीवास्तव एवं अभिलाषा शर्मा का सम्मान चेतना संस्था एवं नवोदयन हरीश कोरी द्वारा, स्मृति चिन्ह एवं शाल श्रीफल देकर किया गया । श्रीमती साधना स्थापक ने अपने उद्बोधन मेें कृतिकारों को बधाई देते हुए कहा कि यह क्षेत्र साहित्य से समृद्ध क्षेत्र है । उन्होने अपील की कि हम सभी को निरंतर स्वाध्याय करते रहने की आदत डालनी चाहिए ।
धर्म ग्रंथ से लेकर अन्य साहित्य हमेें उर्जा देता है । कार्यक्रम के अध्यक्ष कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में अपनी विमोचित कृतियों की चर्चा करते हुए कहा कि श्याम टाकीज और पुरानी गल्ला मंडी कहानी संग्रह गाडरवारा के अतीत का शाब्दिक चित्रण है । हर एक साहित्यकार का दायित्व है के वे लेखन के साथ ही साथ पाठकों को भी जोड़ता चले तब ही लेखन की सार्थकता है । उन्होने आधुनिक टैक्नालाजी ‘एआई’ के प्रति भी गंभीरता से चिन्तन करने की अपील की ताकि साहित्य मेें मौलिकता और हमारे चिन्तन मनन की दिशा न भटके ।
नवोदयन हरीश कोरी ने सभी रचनाकारों को और सम्मानित होने वाले साहित्यकारों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह कारवा आगे बढ़ता रहेगा । श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर देश के विभिन्न शहरों से आए साहित्यकारों को अखिल भारतीय चेतना साहित्य सम्मान मंचासीन अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए ।
स्व. श्रीमती प्रतिभा श्रीवास्तव समग्र साहित्य सम्मान झांसी की साहित्यकार डॉ श्रीमती ब्रजलता मिश्रा को प्रदान किया, स्व. प्रेमनारायण त्रिपाठी चेतना साहित्य सम्मान उपन्यास विधा के लिए गुजरात के प्रो. डॉ जश भाई को उनके उपन्यास ‘‘मौत की देवी’’ के लिए प्रदान किया गया ।
स्व. रमेश गुप्ता साहित्य सम्मान युवा कवि साहित्यकार के लिए नोएडा से आई श्रीमती स्वाति शर्मा को उनकी कृति ‘काव्य सुधा’ के लिए दिया गया, स्व. रामसागर स्वामी साहित्य सम्मान कहानी संग्रह के लिए डॉ अनीता सिंह चौहान भोपाल उनकी कृति ‘‘टूटते इंन्द्रधनुष’’ एवं राकेश माहेश्वरी नरसिंहपुर को उनके कहानी संग्रह ‘‘मुस्कान की करवटें’’ के लिए संयुक्त रूप् से प्रदान किया गया । स्व. जगदीश पाटकर साहित्य सम्मान प्रो. डॉ मनोज कुमार केन पीजीडीएवी कालेज दिल्ली को उनके नाटक संग्रह ‘‘संशय के दिन’’ के लिए प्रदान किया ।
स्व. रूपराम सोनी साहित्य सम्मान गजल संग्रह के लिए श्रीमती जीनत अहसान कुरैशी मुबई को उनके गजल संग्रह ‘‘तेरी याद मेें’’ के लिए प्रदान किया गया । स्व. रेवाप्रसाद नेमा साहित्य सम्मान बाल साहित्य के लिए बस्ती उत्तर प्रदेश के साहित्यकार देवेन्द्र श्रीवास्तव को उनकी कृति ‘‘देश की मिट्टी है अनमोल’’ के लिए दिया गया । स्व. श्रीराम साहू साहित्य सम्मान श्रीमती निरूपमा खरे भोपाल को ‘‘मन बंजारा’’ के लिए प्रदान किया गया ।
स्व. हुल्कर सिंह साहित्य सम्मान मेरठ उत्तर प्रदेश की साहित्यकार श्रीमती सीमा गर्ग को उनकी कृति ‘‘मंजरी दोहा मणिमाला’’ के लिए प्रदान किया गया । स्व. प्रभुदयाल खरे स्मृति साहित्य सम्मान पृथ्वीपुर निवासी डॉ एम.एस. श्रीवास्तव को उनकी बुन्देली कृति ‘‘ग्यान के गुरिया’’ और दतिया के साहित्यकार डॉ राजगोस्वमी को उनकी कृति ‘‘गई भैंस पानी मेें’’ के लिए संयुक्त रूप से प्रदान किया गया ।
स्व. मुन्नीबाई सोनी साहित्य सम्मान जबलपुर की वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मीना भट्ट को उनकी कृति ‘‘पंख पसारे पक्षी’ ओर श्रीमती सिद्धेश्वरी सराफ को उनकी कृति ‘‘गीत सरिता’’ के लिए संयुक्त रूप से दिया गया । स्व. गंगादेवी साहित्य सम्मान जोधपुर राजस्थान निवासी डॉ नीना छब्बर को उनकी कृति ‘‘सतोलिया’’ को प्रदान दिया गया । स्व. विमला देवी शर्मा साहित्य चेतना सम्मान श्रीमती पद्माक्षी सुरेश शुक्ला को उनके खंड काव्य ‘‘अवधूत’’ के लिए प्रदान किया गया ।
सम्मान मेें 3100/ की नगद राशि, प्रश्तिपत्र, स्मृति चिन्ह, शाल श्रीफल से मंचासीन अतिथियों और जिनके नाम पर सम्मान दिया गया है उनके परिजनों द्वारा प्रदान किया गया । देश के विभिन्न क्षेत्रों से आई लगभग सौ प्रविष्टियों का निष्ठापूर्वके मूल्यांकन करने वाली निर्णायक टीम डॉ उमाकांत कपिध्वज एवं वरिष्ठ साहित्यकार नरेन्द्र श्रीवास्तव को भी मंचासीन अतिथ्यिों द्वारा सम्मानित किय गया ।
इस अवसर पर वीरांगना क्लब की बच्चियों को विभिन्न खेलों में उनकी शानदार उपलब्धि के लिए भी सम्मानित किया गया । चेतना संस्था के सहयोगी पोषराज मेहरा, निहाल छीपा, तरूण गुर्जर, अखिलेश साहू, बृजबिहारी विराट, ध्यानसिंह, अंबर स्वामी, दीपक गुप्ता, शिशिर पाटकर, वंदना सोनी विनम्र जबलपुर आदि का सम्मान संस्था द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम मेें दूरदराज से आए अतिथि एवं शहर के गएमान्य नागरिक उपस्थित रहे । कार्यक्रम का आभा नगेन्द्र त्रिपाठी ने व्यक्त किया वहीं कार्यक्रम का संचालन विजय बेशर्म ने किया ।
