सोहागपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी के आरोपी को ओडिशा से दबोचा, ₹8.50 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा

नवागत थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई, तकनीकी जांच से साइबर अपराधी तक पहुंची पुलिस

सोहागपुर// साइबर अपराधों के खिलाफ सोहागपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उपभोक्ता फोरम के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर 8.50 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में नवागत थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहन जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। उनकी सक्रिय कार्यशैली और प्रभावी मॉनिटरिंग से मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई। पुलिस के अनुसार 22 सितंबर 2025 को सेमरी हरचंद निवासी हरीश माहेश्वरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उपभोक्ता फोरम में धान बिक्री से संबंधित शिकायत के दस्तावेज अपलोड कराने के बहाने भेजे गए फर्जी लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से आईएमपीएस के माध्यम से 8 लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। मामले में थाना सोहागपुर में अपराध दर्ज कर साइबर एंगल से जांच शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक साईकृष्णा एस. थोटा (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन एवं एसडीओपी संजू चौहान के मार्गदर्शन में चल रही विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में 4 लाख 50 हजार रुपये फरियादी के खाते में वापस कराए गए, जबकि शेष राशि में से 3 लाख 50 हजार रुपये ओडिशा के राउरकेला निवासी कान्हा नाग (26) के खाते में ट्रांसफर होना सामने आया। आरोपी ने यह राशि एटीएम के माध्यम से निकाल ली थी। सोहागपुर पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी कान्हा नाग को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश किए जाने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, उपनिरीक्षक विवेक यादव, सहायक उपनिरीक्षक शहादत अली, गणेश राय तथा आरक्षक अभिलाष भिलाला, प्रकाश, नंदकिशोर रजक और अजमेर की सराहनीय भूमिका रही।

गौरतलब है कि नवागत थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के पदभार संभालने के बाद से थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और लंबित मामलों के प्रभावी निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साइबर ठगी जैसे जटिल मामले में मिली यह सफलता उनकी सक्रिय कार्यशैली और टीम के बेहतर समन्वय का उदाहरण मानी जा रही है।

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