सोहागपुर: सीमांकन के नाम पर सौदेबाज़ी? जनसुनवाई में रिटायर्ड शिक्षक का गुस्सा राजस्व विभाग पर फूटा

संवाददाता:- शेख आरिफ।

आरआई पर 20 हजार रुपये की कथित वसूली का आरोप, सूत्र और भी पीड़ित जल्द कर सकते हैं शिकायत।

कलेक्टर बोले– आरोप सही मिले तो होगी सख्त कार्रवाई

सोहागपुर// जनसुनवाई में मंगलवार को राजस्व विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले में हलचल मचा दी। गाँधी वार्ड निवासी बुजुर्ग रिटायर्ड शिक्षक प्रहलाद सिंह गड़वाल ने राजस्व निरीक्षक (आरआई) गुलाब उइके पर सीमांकन के नाम पर 20 हजार रुपये की कथित वसूली का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम देने के बाद भी न तो सीमांकन पूरा हुआ और न ही सही तरीके से निशान लगाए गए और ना ही फील्ड बुक दी गई। बुजुर्ग प्रहलाद सिंह के मुताबिक ग्राम मगरिया में उनकी पत्नी रुक्मिणी के नाम पर दर्ज कृषि भूमि के सीमांकन के लिए लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया गया था। आरोप है कि पहले आपत्ति लगाकर प्रक्रिया रोकी गई, फिर 22 मार्च 2026 को सीमांकन शुरू हुआ, लेकिन पूरा काम अधूरा छोड़ दिया गया अब तक ना भूमि सीमांकन का ना पंच नामा तैयार किया गया है और ना ही फील्ड बुक नक्शा तैयार किया गया है । पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी जमीन का हिस्सा दबा दिया गया और आज तक वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। मामला जनसुनवाई में पहुंचने के बाद अब प्रशासन भी घिरता नजर आ रहा है।

सूत्र अन्य पीड़ित किसान की कर सकते हैं शिकायत।

सूत्रों से यह भी जानकारी सामने आई है कि इस शिकायत और खबर के प्रकाशित होने के बाद अन्य पीड़ित भी अब आरआई गुलाब उइके के खिलाफ एसडीएम और कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। इनमें सीमांकन में बेवजह देरी करना, अनावश्यक आपत्तियां लगाना तथा सीमांकन के नाम पर रुपये मांगने जैसे गंभीर आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। अब जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर सीमांकन जैसे सरकारी कार्य के लिए भी पैसे देने पड़ें, तो फिर व्यवस्था और दलाली में फर्क क्या रह जाता है?

“कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले की जांच कराई जा रही है और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

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