सांदीपनि विद्यालय के सामने सड़क की हालत बनी परेशानी का सबब, एक महीने पहले हादसे में जा चुकी है जान; फिर भी नहीं सुधरे हालात

सोहागपुर// विकास और बेहतर आवागमन के दावों के बीच सोहागपुर में स्टेट हाईवे-22 की जमीनी हकीकत लोगों के लिए परेशानी और चिंता का कारण बनी हुई है। शहर से गुजरने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क की बदहाल स्थिति के चलते वाहन चालकों और राहगीरों को लगातार जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। सांदीपनि एसजेएल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोहागपुर के सामने SH-22 पर सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर जिम्मेदार सड़क एजेंसी MPRDC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यह मार्ग दिनभर भारी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही का गवाह बनता है। ऐसे में सड़क पर मौजूद खराब हिस्से और गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महीने इसी स्थान पर सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। हादसे के बाद उम्मीद थी कि संबंधित सड़क एजेंसी मौके की स्थिति का जायजा लेकर जरूरी सुधार और सुरक्षा के इंतजाम करेगी, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क की स्थिति में अब तक अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ हादसे के बाद परिवार अपने सदस्य को खो चुका है, वहीं दूसरी तरफ उसी मार्ग से गुजरने वाले लोगों के स्कूली बच्चों के सामने आज भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्टेट हाईवे-22 पर लगातार यातायात बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क की खराब स्थिति विशेष रूप से परेशानी का कारण बन रही है। अचानक सामने आने वाले गड्ढों और खराब हिस्सों से वाहन का संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी रहती है।रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने की स्थिति में एवं गड्ढो में पानी भर जाने से सड़क की खामियां वाहन चालकों को समय रहते दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सड़क एजेंसी MPRDC की कार्यप्रणाली पर सवाल
SH-22 के इस हिस्से की सड़क व्यवस्था को लेकर अब लोगों की निगाहें संबंधित सड़क एजेंसी मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) पर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति अचानक पैदा नहीं हुई है। यदि सड़क पर लगातार आवाजाही के बावजूद उसकी मरम्मत और रखरखाव समय पर किया जाता, तो छोटी समस्या धीरे-धीरे बड़े हादसे का कारण नहीं बनती। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि संबंधित एजेंसी मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करे और आवश्यकतानुसार तत्काल सुधार कार्य शुरू कराए।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों से भी लोगों को उम्मीद
सड़क की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की नजर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर भी है। जनता चाहती है कि सड़क की स्थिति को लेकर संबंधित विभाग और सड़क एजेंसी के सामने प्रभावी तरीके से मुद्दा उठाया जाए और केवल आश्वासन के बजाय धरातल पर काम दिखाई दे। सड़क जैसी मूलभूत सुविधा सीधे आम नागरिक की सुरक्षा से जुड़ी है। इसलिए इस मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
जनता को चाहिए सुरक्षित सड़क, स्कूली बच्चों का सुरक्षित जीवन
सोहागपुर की जनता किसी नए हादसे के बाद सड़क सुधार की कार्रवाई नहीं चाहती। लोगों की मांग है कि हादसा होने का इंतजार किए बिना सड़क की खराब स्थिति को तत्काल दुरुस्त किया जाए। एक सड़क सिर्फ आवागमन का माध्यम नहीं होती, बल्कि उस पर रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा भी उससे जुड़ी होती है। ऐसे में पहले से हादसा हो चुके स्थान पर सड़क की स्थिति को नजरअंदाज करना गंभीर चिंता का विषय है। एक हादसा अपनी कीमत चुका चुका है। अब जरूरत इस बात की है कि अगली जान जाने से पहले जिम्मेदार एजेंसी जागे और सड़क को सुरक्षित बनाया जाए। सोहागपुर के सांदीपनी स्कूल के सामने SH-22 की बदहाली अब सिर्फ सड़क की समस्या नहीं रह गई है। यह जनसुरक्षा, सड़क रखरखाव और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है।
अब देखना यह है कि MPRDC और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेकर सड़क सुधार की दिशा में कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
