जामा मस्जिद और ईदगाह में अदा हुई ईद-उल-अजहा की नमाज़, मुल्क में खुशहाली और अमन-चैन की मांगी गई दुआएं

सोहागपुर। नगर में ईद-उल-अजहा (बकरा ईद) का पर्व इस वर्ष पूरे अकीदत, उत्साह और गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मनाया गया। सुबह से ही नगर का माहौल पूरी तरह ईदमय नजर आया। नए परिधानों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में मस्जिदों और ईदगाह की ओर बढ़ते दिखाई दिए। हर तरफ खुशियां, अपनापन और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।सुबह 7:55 बजे जामा मस्जिद में मौलाना मंजूर साहब ने ईद-उल-अजहा की नमाज़ अदा कराई। वहीं सुबह 8:30 बजे ईदगाह में पेश इमाम कारी मगरूब रजा कादरी ने हजारों अकीदतमंदों को नमाज़ अदा कराई। नमाज़ के बाद अपने खिताब में उन्होंने कुर्बानी के महत्व, इंसानियत, भाईचारे और समाज में आपसी मोहब्बत बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, समर्पण और इंसानियत की सीख देने वाला पर्व है।



ईद की नमाज़ के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आया। सोहागपुर एसडीएम प्रियंका भल्लवी, एसडीओपी संजू चौहान, थाना प्रभारी राहुल रैयकवार, तहसीलदार राकेश झरबड़े, आरआई नागेश निवरिया सहित समस्त शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे तथा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखी। प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर इंतजामों से लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश-प्रदेश में अमन, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान पहुंचे, जहां उन्होंने अपने बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़कर मगफिरत की दुआ की। मुस्लिम समाज ने पर्व के दौरान प्रशासन द्वारा की गई चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई एवं बेहतर इंतजामों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। मुस्लिम त्यौहार कमेटी अध्यक्ष वसीम खान ने कहा कि प्रशासन द्वारा किए गए इंतजाम बेहद सराहनीय रहे। सोहागपुर हमेशा से भाईचारे, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल रहा है, जहां सभी समाज के लोग मिलजुलकर हर त्योहार को प्रेम और सम्मान के साथ मनाते हैं।



वहीं हैदराबाद से अपनी दादी के घर सोहागपुर ईद मनाने आए बच्चों सैय्यद दानिश और जयान ने भी ईद के माहौल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सोहागपुर में ईद का माहौल बेहद खूबसूरत और यादगार है। यहां लोगों का अपनापन और मोहब्बत दिल को छू लेने वाली है। बच्चों ने कहा कि दादी के साथ ईद मनाने का अलग ही आनंद है और ईदगाह में हजारों लोगों के साथ नमाज़ अदा होते देख उन्हें बहुत खुशी हुई।
