दरवाजा तोड़ बचाई थी बेटी की जिंदगी, अब तीन पुलिसकर्मियों को मिला ‘जीवन रक्षक सम्मान

आत्महत्या का प्रयास कर रही 18 वर्षीय युवती को समय रहते बचाया, साहस और तत्परता के लिए तीन पुलिसकर्मी हुए सम्मानित

सोहागपुर// पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए जीवन की उम्मीद भी है। सोहागपुर थाना पुलिस के तीन जांबाज पुलिसकर्मियों ने अपनी सूझबूझ और साहस से आत्मघाती कदम उठा रही 18 वर्षीय युवती की जान बचाई थी। अब उनके इसी सराहनीय कार्य के लिए संत मदर टेरेसा वेलफेयर सोसायटी ने उन्हें “जीवन रक्षक सम्मान” और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। कुछ दिन पहले सोहागपुर थाना क्षेत्र में सूचना मिली थी कि एक 18 वर्षीय युवती ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति बेहद गंभीर थी और हर गुजरता पल युवती की जिंदगी पर भारी पड़ रहा था।

मौके पर पहुंचे एएसआई वरुण राजपूत, महिला आरक्षक नेहा सिंह रघुवंशी और आरक्षक मनोहर दायमा ने बिना समय गंवाए साहसिक निर्णय लेते हुए कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। अंदर पहुंचकर उन्होंने युवती को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और एक परिवार की खुशियां बिखरने से बच गईं। इसी मानवीय और साहसिक कार्य को सम्मान देते हुए संत मदर टेरेसा वेलफेयर सोसायटी ने तीनों पुलिसकर्मियों को जीवन रक्षक पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि संकट की घड़ी में पुलिसकर्मियों ने जिस साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि यदि पुलिस कुछ मिनट और देर से पहुंचती तो परिणाम बेहद दुखद हो सकते थे। यह सम्मान केवल तीन पुलिसकर्मियों का नहीं, बल्कि उस विश्वास का भी सम्मान है जो आम जनता संकट की घड़ी में पुलिस पर करती है।

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