मोहर्रम पर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: 100 वर्षों से हिंदू परिवार बना रहा ताजिया, शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ आयोजन

मोहर्रम में सेवा का सम्मान, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अधिकारियों को किया सम्मानित, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी का शायराना अंदाज को सभी ने सराहा

सोहागपुर। मोहर्रम की 10 वीं तारीख को परंपरा और भाईचारे के साथ विभिन्न वार्डों से ताजियादारों ने पारंपरिक जुलूस के साथ शाम को अपने-अपने ताजियों को एसडीओपी कार्यालय के पीछे निर्धारित स्थल पर पहुंचाया। यहां हजारों अकीदमंदों ने ताजियों पर लोबान अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। मुस्लिम त्योहार कमेटी के तत्वावधान में इमामी अखाड़े का भव्य प्रदर्शन भी हुआ। देर रात लगभग 11 बजे नगर के विभिन्न इमामबाड़ों की सवारियां ताजियों के पास पहुंचीं और पारंपरिक सलामी अदा की। मोहर्रम की 11वीं तारीख की सुबह निर्धारित स्थल से सभी ताजिये जुलूस के रूप में कर्बला के लिए रवाना हुए। इस दौरान अखाड़े के कलाकारों ने बनेठी, अली गेंद, बल्लम सहित विभिन्न पारंपरिक हथियारों से आकर्षक करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। ताजिए आबकारी कार्यालय के सामने स्थित ताजिया ग्राउंड में कुछ समय के लिए रुके, जिसके बाद सभी ताजिए कर्बला पहुंचे, जहां पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार उन्हें ठंडा किया गया।

100 वर्षों से हिंदू परिवार बना रहा ताजिया, तीसरी पीढ़ी निभा रही परंपरा

मोहर्रम के आयोजन के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली। नगर पालिका में कार्यरत प्रह्लाद किरार ने बताया कि उनके परिवार में पिछले लगभग 100 वर्षों से ताजिया बनाने की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में तीसरी पीढ़ी के रूप में वे अपने भाई प्रकाश किरार एवं हेमराज किरार के साथ पूरे परिवार सहित श्रद्धा और सम्मान के साथ ताजिया तैयार करते हैं। उनका कहना है कि यह परंपरा सामाजिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है, जिसे उनका परिवार पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रहा है।

पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण रहा आयोजन

मोहर्रम के पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद रही। डिप्टी कलेक्टर बबीता राठौर, तहसीलदार राकेश झरबड़े, एसडीओपी संजू चौहान, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी, नायब तहसीलदार राकेश खजूरिया सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अमला लगातार मौके पर मौजूद रहा। एसडीओपी संजू चौहान के निर्देशन एवं थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी जिम्मेदारी निभाई। मुख्य मार्गों पर यातायात सुचारु बना रहा तथा पूरे आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, जनहानि या महिलाओं से छेड़छाड़ जैसी कोई घटना सामने नहीं आई।

मोहर्रम में सेवा का सम्मान, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अधिकारियों को किया सम्मानित, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी का शायराना अंदाज को सभी ने सराहा

मोहर्रम पर्व के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के उपलक्ष्य में मुस्लिम त्योहार कमेटी द्वारा तहसीलदार राकेश झरबड़े, एसडीओपी संजू चौहान, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी, जेई विजय धुर्वे एवं नगर परिषद से संजय दुबे का मंच पर शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष वसीम खान ने कहा कि इन सभी अधिकारियों की मेहनत, सतत निगरानी और सहयोग के कारण मुस्लिम समाज ने मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के नेतृत्व में कार्यरत टीमों ने पूरे पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संभालीं, जिससे किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।सम्मान के बाद सभी अधिकारियों ने मुस्लिम समाज को मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति के साथ मनाने पर हार्दिक बधाई दी तथा प्रशासन को निरंतर सहयोग देने के लिए समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया।

थाना प्रभारी ने शेर के माध्यम से दिया सकारात्मक संदेश सम्मान समारोह के दौरान थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने अपने संबोधन की शुरुआत एक प्रभावशाली शेर से की—“ना किसी रहबर से और ना ही किसी रहगुज़र से निकलेगा, हमारे पांव का कांटा हमीं से निकलेगा,किसी फकीर ने कहा के तलाश कीजिए, खजाना यहीं से निकलेगा।” उन्होंने कहा कि समाज और परिवार की समस्याओं का समाधान बाहर नहीं, बल्कि हमारे अपने प्रयासों और सकारात्मक सोच में छिपा होता है। यदि हर व्यक्ति समस्या के बजाय समाधान लेकर आगे आए तो समाज और परिवार दोनों ही निरंतर तरक्की की राह पर आगे बढ़ेंगे।


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