पुलिस ने सनसनीखेज हत्या कांड में नाबालिग आरोपी को मात्र 15 घंटे में अभिरक्षा में लिया।
इटारसी// थाना इटारसी क्षेत्र में एक जघन्य हत्या की घटना सामने आई है जिसमें परिवारिक बात के चलते भांजे ने मामा को चाकू घोपकर मौत के घाट उतारा दिया इटारसी पुलिस ने मात्र 15 घंटे के भीतर इस हत्या कांड का खुलासा करते हुए विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग) को अभिरक्षा में ले लिया है। पुलिस ने घटना में उपयोग हुआ औजार आला जर्र (चाकू) भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई नर्मदापुरम जिले के पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा एसडीओपी इटारसी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह बुंदेला के नेतृत्व में की गई। पुलिस की दी गई जानकारी अनुसार घटना 2 अप्रैल 2026 की रात लगभग 11 बजे की है, जब राठी कॉलोनी स्थित एक घर में मामूली पारिवारिक विवाद और बच्चों के बीच हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया। सूचना के अनुसार, विधि-विरुद्ध बालक (भांजा) ने अपने ही मामा जागेलाल वर्मा (उम्र 47 वर्ष) पर चाकू से जांघ और कमर पर वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

इस संबंध में मृतक की पत्नी मंजु वर्मा (उम्र 35 वर्ष) द्वारा 3 अप्रैल की मध्य रात्रि में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज, त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी पुलिस ने प्रारंभ में मर्ग क्रमांक 30/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 286/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग (भांजे) को अभिरक्षा में लिया और उससे पूछताछ के बाद हत्या में उपयोग हुए चाकू को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस की तत्काल कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी, चाहे आरोपी नाबालिग ही क्यों न हो।
इस गंभीर हत्या कांड के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह बुंदेला के साथ उपनिरीक्षक श्रद्धा राजपूत, सहायक उपनिरीक्षक जनकलाल पवार, प्रधान आरक्षक उपेन्द्र दुबे, आरक्षक महेंद्र गुर्जर, अंकित गौर, गेंदराव एवं राजेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
