मोहर्रम पर्व को लेकर थाना सोहागपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने प्रशासन से की व्यापक व्यवस्थाओं की मांग

एसडीओपी संजू चौहान बोले – सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट ना डालें।

टीआई गिरीश त्रिपाठी बोले – आपसी सौहार्द और अनुशासन से मनाएं मोहर्रम, पुलिस प्रशासन हर समय रहेगा मुस्तैद

सोहागपुर। आगामी मोहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्व को आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ मनाने का संकल्प लिया।बैठक के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी नगर इकाई सोहागपुर के अध्यक्ष मोहम्मद वसीम खान के नेतृत्व में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मोहर्रम पर्व के दौरान नगर में साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।कमेटी द्वारा बताया गया कि मोहर्रम पर्व के कार्यक्रम 17 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होंगे। 23 जून से नगर के विभिन्न इमामबाड़ों में सवारियां स्थापित की जाएंगी तथा 26 जून को विभिन्न क्षेत्रों से जुलूस निकाले जाएंगे। वहीं 27 जून को ताजिया एवं अखाड़ा जुलूस पुराने थाना परिसर के पीछे स्थित हुसैनी चौक से प्रारंभ होकर आबकारी चौक तक पहुंचेगा, जहां ताजियों के दीदार उपरांत करबला में विसर्जन किया जाएगा। कमेटी ने जुलूस मार्गों पर विशेष साफ-सफाई, पर्याप्त पेयजल व्यवस्था, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा पुलिस बल की तैनाती की मांग की। साथ ही बारिश की स्थिति में रेलवे क्षेत्र के समीप वैकल्पिक विसर्जन स्थल की व्यवस्था करने का सुझाव भी प्रशासन को दिया।

बैठक को संबोधित करते हुए एसडीओपी संजू चौहान ने कहा कि मोहर्रम सहित सभी धार्मिक पर्व सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, आपत्तिजनक अथवा अफवाह फैलाने वाली पोस्ट साझा न करें। ऐसी गतिविधियों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी तथा कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने शांति समिति की बैठक में उपस्थित सभी लोगों को मोहर्रम पर्व के इतिहास एवं परंपराओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी:- उन्होंने बताया कि मोहर्रम हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाता है। गिरीश त्रिपाठी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि भारत में ताजिया निकालने की परंपरा के संबंध में यह मान्यता प्रचलित है कि मध्य एशिया के शासक तैमूर लंग (तैमूर) ने कर्बला स्थित इमाम हुसैन के रौजे की प्रतिकृति बनवाकर अपने साथ रखने और शोक प्रकट करने की परंपरा प्रारंभ की थी, जो आगे चलकर भारतीय उपमहाद्वीप में ताजिया परंपरा के रूप में विकसित हुई। उन्होंने कहा कि भारत में मोहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान, मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है। वर्षों से विभिन्न समाजों के लोग इसमें सहभागिता करते आ रहे हैं, जो देश की गंगा-जमुनी संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने सभी नागरिकों से पर्व के दौरान शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

बैठक में एसडीएम प्रियंका भलावी, एसडीओपी संजू चौहान, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी, सीएमओ धर्मेंद्र शर्मा, बीएमओ डॉ. रेखा सिंह गौर, पं. मुग्दल महाराज, यशवंत पटैल (अध्यक्ष प्रतिनिधि), आकाश रघुवंशी (उपाध्यक्ष नगर परिषद), अश्वनी सरोज (मंडल अध्यक्ष), विजय छावड़िया (नन्नू भैया), संतोष मलवीय (पूर्व अध्यक्ष), सुरेखा शाह, वसीम खान (मुस्लिम त्योहार कमेटी अध्यक्ष), जमील खान (पार्षद), अबरार हुसैन, मुस्ताक बाबा, हीरा गौलानी (पत्रकार), शेख आरिफ (पत्रकार), गौरव पालीवाल (पार्षद), नीरज चौधरी, आकाश चौरसिया, बबलू पटवा, शफीक खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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