एसडीओपी संजू चौहान के तबादले की खबर आते ही मायूस हुआ शहर, नगरवासियों की आंखें हुई नमः

अपराध नियंत्रण, सामाजिक सौहार्द और पत्रकारों से बेहतर संवाद के लिए हमेशा याद किए जाएंगे संजू चौहान।

सोहागपुर। सोहागपुर के लोकप्रिय, कर्मठ एवं तेजतर्रार एसडीओपी संजू चौहान का तबादला बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी कोतवाली) के पद पर हो गया है। उनके स्थानांतरण की खबर सामने आते ही पूरे सोहागपुर क्षेत्र में मायूसी का माहौल छा गया। आम नागरिकों से लेकर व्यापारी, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तक उनके कार्यकाल को याद कर रहे हैं। तीन वर्षों के कार्यकाल में संजू चौहान ने अपनी ईमानदारी, निष्पक्ष कार्यशैली, संवेदनशील व्यवहार और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता से जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई। संजू चौहान ने पुलिसिंग को केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जनता का विश्वास जीतने को अपनी प्राथमिकता बनाया। हत्या जैसी सनसनीखेज वारदातों से लेकर चोरी, नशे के अवैध कारोबार, जुआ-सट्टा और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे मामलों में उन्होंने त्वरित एवं सटीक कार्रवाई करते हुए कई चर्चित मामलों का कुछ घंटों से लेकर 48 घंटे के भीतर खुलासा कर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। उनकी तेज जांच, सटीक रणनीति और मजबूत नेतृत्व के कारण क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण देखने को मिला।

उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि वे 24 घंटे जनता के लिए उपलब्ध रहते थे। दिन हो या आधी रात, किसी भी नागरिक की समस्या की सूचना मिलते ही वे स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करते थे। लोगों का कहना है कि उन्होंने यह धारणा बदल दी कि पुलिस देर से पहुंचती है। उनके नेतृत्व में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समयबद्ध व्यवस्था आमजन के बीच विश्वास का कारण बनी। सिर्फ अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। पिछले तीन वर्षों में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के सभी प्रमुख त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए। किसी भी संवेदनशील स्थिति में उन्होंने अपनी सूझबूझ, धैर्य और कुशल नेतृत्व से माहौल को संभालते हुए भाईचारे और शांति की मिसाल कायम की। उनकी कार्यशैली ने पुलिस और जनता के बीच विश्वास का मजबूत रिश्ता स्थापित किया। विभाग के भीतर भी संजू चौहान एक प्रेरणादायी अधिकारी के रूप में जाने जाते रहे। वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को परिवार जैसा सम्मान देते थे। किसी कर्मचारी से गलती होने पर उसे डांटने के बजाय समझाइश देकर बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करते थे। यही कारण है कि पूरा पुलिस स्टाफ भी उनके प्रति विशेष सम्मान और आत्मीयता रखता है।

पत्रकारों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया पत्रकारों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी एसडीओपी संजू चौहान के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। उन्होंने हमेशा पारदर्शी कार्यशैली अपनाते हुए महत्वपूर्ण मामलों की सही और तथ्यात्मक जानकारी समय पर पत्रकारों को उपलब्ध कराई। किसी भी घटना के बाद अफवाहों और भ्रामक खबरों को रोकने के लिए वे स्वयं मीडिया से संवाद करते थे, जिससे समाचारों में पुलिस का अधिकृत और तथ्यात्मक पक्ष सामने आता था। उनके सकारात्मक सहयोग और सहज व्यवहार के कारण पत्रकारों और पुलिस के बीच विश्वास का मजबूत रिश्ता कायम हुआ। मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस की उपलब्धियां, जनहित में किए गए कार्य और सही जानकारी आमजन तक पहुंची, जिससे पुलिस की सकारात्मक छवि मजबूत हुई। उन्होंने हमेशा यह संदेश दिया कि प्रभावी पुलिसिंग के साथ पारदर्शी संवाद भी उतना ही आवश्यक है। उनके कार्यकाल में पत्रकारों को सम्मान, समय पर जानकारी और सहज सहयोग मिलता रहा, जिसने पुलिस और मीडिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

तबादले की खबर आते ही जनता हुई भावुक। उनके तबादले की खबर से सोहागपुर की जनता भावुक है। लोगों का कहना है कि एक ऐसे अधिकारी का जाना पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है, जिसने कानून का राज स्थापित करने के साथ-साथ पुलिस की सकारात्मक और जनहितैषी छवि को भी मजबूत किया। अब समूचा सोहागपुर उन्हें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दे रहा है। सभी को विश्वास है कि संजू चौहान वहां भी अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, उत्कृष्ट नेतृत्व और जनसेवा की भावना से सफलता की नई मिसाल कायम करेंगे।

पत्रकार:- शेख आरिफ सोहागपुर।

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