बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ रामगंज रिपटा, सूचना के बावजूद प्रशासन ने नहीं दिखाई गंभीरता; हादसे के खतरे के बीच युवाओं ने अपने खर्च से शुरू की मरम्मत

सोहागपुर// नगर के मातापुरा-रामगंज को जोड़ने वाला रिपटा/छोटा पुल 9 अगस्त की बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद इसकी मरम्मत को लेकर जिम्मेदार विभाग की गंभीरता नजर नहीं आई। हालात यह हैं कि क्षतिग्रस्त रिपटा से रोजाना दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहन गुजर रहे हैं और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसी मार्ग से स्कूली बच्चे भी आवाजाही करते हैं, ऐसे में किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है ? सूचना के बाद भी नहीं जागा प्रशासन:- स्थानीय लोगों के मुताबिक रिपटा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नगर के जनप्रतिनिधियों और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी। प्रशासन से यह मांग भी की गई थी कि मरम्मत होने तक मार्ग को बंद किया जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इसके बावजूद मौके पर न तो प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी और न ही समय रहते मरम्मत का काम शुरू हो सका।
जब जिम्मेदार नहीं जागे तो युवाओं ने उठाया बीड़ा:- प्रशासन की कथित उदासीनता के बीच मातापुरा, रामगंज, राजेंद्र और किलापुरा वार्ड के युवाओं ने आगे आकर मोर्चा संभाला। युवाओं ने अपने स्तर पर और स्वयं के खर्च से क्षतिग्रस्त रिपटे की मरम्मत का काम शुरू किया, ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित हो सके। युवाओं की इस पहल ने जहां मानवता और जनसेवा की मिसाल पेश की है, वहीं यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि जिस काम की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग की है, उसके लिए आखिर आम नागरिकों को अपनी जेब से पैसा क्यों खर्च करना पड़ रहा है?

गंभीर सवाल हादसे के बाद जागेगा प्रशासन या पहले ?
क्षतिग्रस्त रिपटे से लगातार आवागमन के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है? यदि रिपटा इतना खतरनाक है कि इसकी मरम्मत आवश्यक है, तो फिर इसे तत्काल सुरक्षित क्यों नहीं किया गया ? और यदि मार्ग सुरक्षित है, तो फिर स्थानीय युवाओं को अपने खर्च पर इसकी मरम्मत करने की जरूरत क्यों पड़ी ? स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपटे की स्थायी मरम्मत कराई जाए, आवागमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और जिम्मेदार विभाग मौके का निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई करे।
युवाओं ने अपना फर्ज निभा दिया, अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी कब निभाता है।
