दो चरणों में होगी जनगणना 2027, नर्मदापुरम में व्यापक तैयारियाँ शुरू

10 तहसील, 8 नगर और 987 ग्राम पंचायतों में होगा सर्वे; डिजिटल माध्यम से होगा आंकड़ों का संकलन

सोहागपुर (नर्मदापुरम) // भारत शासन द्वारा 16 जून 2025 को जारी अधिसूचना के तहत जनगणना 2027 की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस अधिसूचना का पुनः प्रकाशन 11 जुलाई 2025 को किया गया। बुधवार को आयोजित जिला जनगणना समन्वयक समिति की बैठक में जनगणना 2027 की तैयारियों एवं कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में जनगणना विभाग भोपाल से आई जनगणना अधिकारी सुश्री आयुषी यादव ने बताया कि जनगणना संविधान के अनुच्छेद 246, जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियम 1990 के अंतर्गत संपादित की जाएगी। प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित करेंगे तथा प्रत्येक नागरिक के लिए जानकारी देना अनिवार्य होगा।

सभी सूचनाएँ पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी और किसी तीसरे पक्ष को उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं नोडल तथा लायजनिंग अधिकारी अनिल जैन ने की। इस अवसर पर जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी यू.एस. पठारिया, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष गुणवान, जिला शिक्षा अधिकारी एल.एन. प्रजापति एवं परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

दो चरणों में संपन्न होगी प्रक्रिया:- नर्मदापुरम जिले की 10 तहसील, 8 नगर एवं 987 ग्राम पंचायतों में जनगणना दो चरणों में संपन्न की जाएगी।प्रथम चरण 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी।द्वितीय चरण 1 मार्च 2027 से प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्य निर्धारित समय-सीमा में ही पूर्ण किया जाएगा।अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनातीजनगणना 2027 के लिए जिले में 8 जिला स्तरीय अधिकारी, 18 चार्ज अधिकारी, लगभग 2 मास्टर ट्रेनर, 48 फील्ड ट्रेनर, 2869 प्रगणक (रिजर्व सहित) तथा 488 पर्यवेक्षक (रिजर्व सहित) नियुक्त किए जाएंगे। सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। डिजिटल माध्यम से होगा डेटा संकलनइस बार जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से की जाएगी। स्व-गणना पोर्टल (SE), मोबाइल एप (HLO App), हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब पोर्टल तथा जनगणना प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग प्रणाली (CMMS) के माध्यम से आंकड़ों का संकलन एवं निगरानी की जाएगी।मकान सूचीकरण की विशेष व्यवस्थाप्रथम चरण में प्रत्येक ग्राम एवं वार्ड के लिए अलग-अलग मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए जाएंगे। वीरान ग्राम एवं स्लम क्षेत्रों के लिए भी पृथक ब्लॉक निर्धारित होंगे। किसी भी स्थिति में दो गांव या दो वार्ड को एक ही ब्लॉक में शामिल नहीं किया जाएगा। सभी मकानों की क्रमवार नंबरिंग की जाएगी। एक प्रगणक लगभग 800 की जनसंख्या एवं 150 मकानों की गणना करेगा।

33.74 करोड़ रुपये की राशि जारी:- जनगणना कार्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश शासन को अब तक 33 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। आवश्यकता अनुसार आगे भी राशि प्रदान की जाएगी। कार्य पूर्ण होने के पश्चात राज्य शासन द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।जनगणना 2027 को लेकर जिले में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं और अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्रणाली के माध्यम से यह कार्य अधिक पारदर्शी एवं सटीक ढंग से संपन्न किया जाएगा।

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