नरसिंहपुर में तीन शातिर मोटरसाइकिल चोर गिरफ्तार, 10 बाइक बरामद
प्रेसविज्ञप्ति | दिनांक: 26 दिसम्बर 2025 | स्थान: नरसिंहपुर
नरसिंहपुर पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत तीन शातिर मोटरसाइकिल चोरों को गिरफ्तार कर 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 6 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद वाहनों में नर्मदापुरम सहित प्रदेश के अन्य जिलों से चोरी की गई मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं।
पेट्रोलिंग के दौरान पकड़े गए वाहन और आरोपी
दिनांक 25 दिसम्बर 2025 को थाना गाडरवारा पुलिस की दो टीमों द्वारा पेट्रोलिंग के दौरान दो संदिग्धों से चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। अलग‑अलग पूछताछ में दोनों ने गाडरवारा एवं नर्मदापुरम के विभिन्न स्थानों से मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया।
पहले आरोपी की पहचान मनीष पिता सुखराम जाटव, उम्र 26 वर्ष, निवासी तिगवाँ चौकी सिहोरा, थाना गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर के रूप में हुई, जिसके कब्जे से 7 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
- हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल MP 49 ZF 9203
- बजाज प्लेटिना MP 49 MG 4278
- हीरो पैशन प्रो MP 05 ME 6370
- हीरो आई‑स्मार्ट MP 49 MR 0760
- हीरो स्प्लेंडर MP 49 BA 5824
- बजाज सीटी 100 MP 49 MM 1365
- बजाज प्लेटिना MP 49 MU 1085
दूसरे आरोपी धनंजय उर्फ छोटू कौरव पिता महेश कौरव, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम छैनाकछार, थाना डोंगरगांव, जिला नरसिंहपुर से बजाज सीटी 100 MP 05 MT 9510 और होंडा शाइन MP 40 MT 7845 बरामद की गईं।
तीसरा आरोपी और मेमोरेंडम के आधार पर बरामदगी
पूछताछ के दौरान धनंजय उर्फ छोटू कौरव ने 21 दिसम्बर 2025 की रात मूनलाइट गार्डन के सामने काँच मंदिर के पास, गाडरवारा से हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल MP 49 MD 8970 चोरी कर उसे उमेश पिता दीनदयाल कौरव, निवासी ग्राम सिलहैटी, थाना डोंगरगांव को बेचने की बात स्वीकार की।
उमेश कौरव ने उक्त मोटरसाइकिल को कटर मशीन से काटकर खेत में छिपाने की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल MP 49 MD 8970 के हिस्सों को बरामद किया और तीसरे आरोपी उमेश कौरव को भी गिरफ्तार कर लिया।
चोरी करने का तरीका और आगे की कार्यवाही
आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सार्वजनिक स्थानों, बैंक, सब्जी बाजार और शादी गार्डन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाते थे, जहाँ लोग अपनी मोटरसाइकिलें बिना लॉक या लापरवाही से खड़ी कर देते थे। चोरी के बाद वे वाहनों को कुछ दिन तक सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे, ताकि तुरंत पकड़े न जा सकें।
तीनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया और एसडीओपी गाडरवारा रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गाडरवारा निरीक्षक विक्रम रजक सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की सराहनीय भूमिका रही।


