मोहर्रम की पहली तारीख पर गाडरवारा में विशाल रक्तदान शिविर, 34 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
गाडरवारा। मोहर्रम माह की पहली तारीख पर मानवता, सेवा और भाईचारे का भव्य संदेश देते हुए हसनी हुसैनी सोसाइटी गाडरवारा द्वारा शक्ति चौक पर विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। समाजसेवा की भावना से प्रेरित इस शिविर में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुल 34 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी पहल की। यह आयोजन गांव और शहर के जनसमूह में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
- स्थान: शक्ति चौक, गाडरवारा
- अवसर: मोहर्रम माह की पहली तारीख
- आयोजक: हसनी हुसैनी सोसाइटी गाडरवारा
- कुल रक्तदाता: 34
- मुख्य संदेश: मानवता, सेवा और भाईचारा
शिविर सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक निरंतर चला। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक, समाजसेवी और युवाओं ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी दिखाई। शिविर में नरसिंहपुर ब्लड बैंक की टीम ने विशेष एसी वाहन के माध्यम से सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से रक्त संग्रहण किया।
शिविर में गाडरवारा चिकित्सालय के ब्लड स्टोरेज यूनिट से निखिल साहू एवं अजय घारू के साथ डॉक्टर हिमा शशिधरन, वरिष्ठ टेक्नीशियन एम.एल. चौधरी, शाहरुख खान और अभिषेक कहार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सा टीम द्वारा हर रक्तदाता की निष्ठापूर्वक स्वास्थ्य जाँच कर सुरक्षित मानकों के अनुसार रक्त लिया गया।
समाजसेवियों ने युवाओं का बढ़ाया उत्साह
रोटरी क्लब के मिनेन्द्र डागा, समाजसेवी मुकेश बसेड़िया, अब्दुल फिरोज खान एवं मुजीब खान सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा और निःस्वार्थ दान है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त कई जीवन बचा सकता है और युवाओं को नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।
मोहर्रम का संदेश: त्याग, बलिदान और इंसानियत
इस अवसर पर हाफिज एवं कारी जुवेर आलम ने स्वयं रक्तदान करते हुए कहा कि मोहर्रम त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि करबला के शहीदों ने सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान की थी; उनकी याद में की गई कोई भी नेक मिसाल, खासकर किसी की जान बचाना, सबसे बड़ी इबादत और सम्मान है।
व्यवस्थाओं की बारीक निगरानी
हसनी हुसैनी सोसाइटी गाडरवारा के ब्लड डोनेशन प्रभारी सूफ़ी इमरान ताज़ी ने रक्तदान कैंप की शुरू से अंत तक समस्त व्यवस्थाओं की बारीकी से निगरानी की। उन्होंने बताया कि शिविर की सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा, रक्तदाताओं की आराम व्यवस्था और रक्त संग्रह के बाद आवश्यक निगरानी का पूरा ध्यान रखा गया।
सूफ़ी इमरान ताज़ी ने कहा, “हमारा प्रयास था कि हर दाता को आरामदेह और सुरक्षित वातावरण मिले, ताकि रक्तदान करने का यह कर्म सहज, प्रभावी और आत्मीय अनुभव बने। मोहर्रम जैसे पवित्र मौके पर यह समाज के प्रति हमारी प्रतिज्ञा है कि हम जरूरतमंदों की हरसंभव मदद के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।” उनकी समर्पित व्यवस्थापकीय भूमिका और स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय ने शिविर को सफल बनाने में निर्णायक योगदान दिया।
समाज सेवा का सजीव प्रतीक बना शिविर
जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अबरार खान, आशिक हुसैन एवं सलमान शेख ने कहा कि मोहर्रम का वास्तविक संदेश इंसानियत, एकता और समाज सेवा है तथा हसनी हुसैनी सोसाइटी द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर उसी भावना का सजीव प्रतीक है। सोसाइटी के अध्यक्ष लकी अली ने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सेवा कार्य पहुँचाना है और मोहर्रम की शुरुआत जैसे पुण्य कार्य से होना समाज के लिए प्रेरणास्पद है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व अध्यक्ष राज ताज़ी, आसिफ चिश्ती, सूफ़ी इमरान ताज़ी, असबाब अली, यहफाज रईन, शाहनवाज़ ताज़ी, आबिद खान, अनीस ताज़ी, हनी खान, आमिर खान, शेख मोहसिन, मुन्ना भाई, दानिश खान समेत सोसाइटी के अनेक युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर शिविर संचालन, दाताओं का स्वागत, खाद्य-जल व्यवस्था और आवश्यक लॉजिस्टिक्स का समुचित प्रबंध किया तथा रक्तदाताओं का मनोबल बढ़ाया।
हसनी हुसैनी सोसाइटी ने कहा कि समाज सेवा केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे क्रियात्मक रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। मोहर्रम की पहली तारीख पर आयोजित यह रक्तदान शिविर मानवता, सहयोग और सेवा की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा, जिसने स्थानीय समुदाय में एकता और सहानुभूति का सशक्त संदेश दिया।

