सोहागपुर।संवाददाता:- शेख आरिफ।
प्रशासनिक उदासीनता के कारण वर्षों से शमशान की समस्या लंबित
सोहागपुर// सोहागपुर तहसील अंतर्गत ग्राम नयागांव में श्मशान घाट की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों में लंबे समय से असंतोष व्याप्त है। लगभग 2000 की आबादी वाले इस गांव में पिछले 15–20 वर्षों से श्मशान भूमि और पहुंच मार्ग का अभाव बना हुआ है, जिससे अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में श्मशान के लिए न तो अब तक स्थायी भूमि चिन्हित की जा सकी है और न ही वहां तक पहुंचने का मार्ग निर्मित हुआ है। तालाब और कृषि भूमि के कारण स्थिति और जटिल बनी हुई है, जिसके चलते लोगों को मजबूरी में खेतों में अथवा करीब 30 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी तट पर दाह संस्कार करना पड़ता है।
सरपंच ने किया अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन

इस संबंध में ग्राम पंचायत की सरपंच खुशबू दीपक रघुवंशी द्वारा अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए समय-समय पर संबंधित विभागों और प्रशासन को आवेदन एवं प्रस्ताव भेजे गए, जिसमें श्मशान भूमि आवंटन और पहुंच मार्ग निर्माण की मांग स्पष्ट रूप से की गई। सरपंच का कहना है कि पंचायत स्तर से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं, लेकिन अनुमोदन और कार्रवाई का अधिकार उच्च स्तर पर होने के कारण मामला वर्षों से लंबित है सरपंच ने आगे कहा कि मृत्यु के बाद व्यक्ति का अंतिम संस्कार सम्मान के साथ होना चाहिए इसके लिए हम लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं ।
हाल ही में गांव में हुई एक मृत्यु के बाद स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब परिजनों के पास अंतिम संस्कार के लिए निजी भूमि तक उपलब्ध नहीं थी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे तहसील कार्यालय परिसर में ही दाह संस्कार करने को विवश होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर प्रयास होने के बावजूद जब तक प्रशासनिक स्तर पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन तत्काल श्मशान भूमि का आवंटन कर पहुंच मार्ग का निर्माण कराए।
अब यह देखना शेष है कि प्रशासन पंचायत के प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर समय रहते निर्णय लेता है या फिर गांव की यह मूलभूत समस्या और लंबी खिंचती है।
