संवाददाता:- शेख आरिफ।
सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 138 में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई की जा रही है। यह सुनवाई अनुविभागीय अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष तहसील कार्यालयों में आयोजित की जा रही है, जो 5 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 20 जनवरी 2026 तक चलेगी। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रियंका भलावी के मार्गदर्शन में किए गए सर्वे के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में मतदाताओं की मैपिंग की गई थी, लेकिन दस्तावेजों के अभाव में 2186 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी। ऐसे नो – मैपिंग मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन 50-50 मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी।

विधानसभा क्षेत्र 138 सोहागपुर के अंतर्गत कुल चार सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं—
सोहागपुर अनुविभागीय अधिकारी प्रियंका भलावी एवं तहसीलदार रामकिशोर झरबड़े, माखननगर: तहसीलदार महेंद्र चौहान, इटारसी: नायब तहसीलदार कृष्णकांत ऊइके
दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रियंका भलावी ने बताया कि नो-मैपिंग श्रेणी के मतदाता निर्धारित तिथि पर संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर निम्न श्रेणियों के अनुसार दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं— 1 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में जन्म: जन्म तिथि एवं स्थान प्रमाणित करने वाला कोई भी दस्तावेज, 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म: जन्म तिथि व स्थान का दस्तावेज, साथ ही पिता या माता के जन्म तिथि एवं स्थान का प्रमाण, 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म: जन्म तिथि व स्थान के साथ पिता एवं माता के जन्म तिथि व स्थान के दस्तावेज, यदि माता-पिता भारतीय नहीं हैं, तो जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट वीजा की प्रति आवश्यक होगी।
सुनवाई के दौरान यह दस्तावेज होंगे मान्य—
केंद्र सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र या पेंशन आदेश, 1 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में जारी सरकारी/स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी, पीएसयू द्वारा जारी पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय का मैट्रिक या शैक्षणिक प्रमाण पत्र, राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग या अन्य जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य/स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर, सरकार द्वारा जारी भूमि या गृह आवंटन प्रमाण पत्र, प्रशासन ने नो – मैपिंग मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपनी मैपिंग सुनिश्चित कराएं, ताकि उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
