अतिक्रमण से लेकर त्योहारों तक — अधिकारी नदारत, जमीनी मुद्दों पर भी कार्रवाई शून्य
सूत्र: सोमवार को आम जनता, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिको एवं प्राशासनिक अधिकारियों के बीच हो सकती है बैठक
सोहागपुर// नगर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर इन दिनों गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच यह चर्चा तेज है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी सीमित और औपचारिक कार्रवाई के बाद स्वयं को प्रभावी मानने लगे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ वरिष्ठ अधिकारी आम नागरिकों के बीच सक्रिय रहने के बजाय अपने एसी लगे कार्यालयों तक ही सीमित हैं, जिससे आम जनता से जुड़े मुद्दों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। नगर में अतिक्रमण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही, मुख्य बाजारों की सड़को पर, रामगंज रिपटे के पास, जयसवाल पेट्रोल पंप के सामने, अंबेडकर वार्ड की मुख्य सड़क पर जगह-जगह वहान खड़े कर अतिक्रमण एवं जहां एसडीएम बैठती है खुद उनके आफिस से भी अतिक्रमण लगा है या यूं काह लिया जाए के एसडीएम के वर्तमान निवास से लेकर एसडीम ऑफिस तक की सड़क के दोनों और अतिक्रमण ही अतिक्रमण है। जिससे नागरिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अब तो अतिक्रमणकारी सड़कों को भी नहीं छोड़ रहे।
सबसे अहम बात यह सामने आई है कि धार्मिक आयोजनों और संवेदनशील अवसरों पर कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति लगातार बनी हुई है। चाहे ईद हो या रामनवमी, दोनों प्रमुख त्योहारों पर कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय रही। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को केवल औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। वहीं, जनप्रतिनिधियों की भी शिकायत है कि उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जिससे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है। सूत्र बताते हैं की सोमवार को नगरवासियों जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिक प्रशासन के साथ बैठक कर सकते हैं। आम लोगों के बढ़ते असंतोष को देखते हुए सोहागपुर में प्रशासन के खिलाफ जल्द ही बड़ा प्रदर्शन होने की संभावना जताई जा रही है। नागरिकों और कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा इस संबंध में रणनीति बनाई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
नागरिकों की मांग है कि प्रशासनिक अधिकारी फील्ड में सक्रियता बढ़ाएं, सभी वर्गों के मुद्दों पर समान संवेदनशीलता दिखाएं और विशेष अवसरों पर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सुनिश्चित करें। अगर आने बाले दिनों में भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया नगर के लिए यही रहा तो जल्द बड़ा प्रदर्शन हो सकता है।
