संवाददाता:- शेख आरिफ।
सोहागपुर// रमजान के मुकद्दस महीने में इबादत, रहमत और बरकत का माहौल हर ओर दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में सोहागपुर स्थित मरकज जामा मस्जिद के सामने संचालित मदरसे में एक बेहद रूहानी और यादगार माहौल देखने को मिला। यहां 14वें रोजे की रात (15वीं शब) को तरावीह की नमाज मुकम्मल कराई गई। इस खास मौके पर बहुत ही कम उम्र के नन्हे हाफिज बच्चों ने कुरआन पाक की तिलावत करते हुए तरावीह मुकम्मल करवाई, जिससे मस्जिद का पूरा वातावरण रूहानियत से सराबोर हो गया। मदरसे के होनहार बच्चों हाफिज मोहम्मद मुजाहिद, हाफिज मोहम्मद सोहेल और हाफिज मोहम्मद अरहान ने बेहद खूबसूरत और सलीकेदार अंदाज में कुरआन पाक की तिलावत की। उनकी मधुर आवाज और बेहतरीन क़िरात को सुनकर नमाजी भाव-विभोर हो उठे। कुरआन की तिलावत की आवाज से मदरसा और आसपास का माहौल इबादत की रौशनी से भर गया।

तरावीह मुकम्मल होने के इस मौके पर बड़ी संख्या में नमाजी, स्थानीय लोग और बच्चों के अभिभावक भी मौजूद रहे। सभी ने नन्हे हाफिजों की मेहनत, लगन और प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआएं कीं। लोगों का कहना था कि इतनी कम उम्र में कुरआन शरीफ को हिफ्ज करना और तरावीह पढ़ाना बच्चों की कड़ी मेहनत, लगन और दीन के प्रति उनकी गहरी निष्ठा को दर्शाता है।
इस मौके पर उपस्थित लोगों ने अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए दुआ की कि ये नन्हे हाफिज आगे चलकर दीन-ए-इस्लाम की खिदमत करें और समाज में इल्म व अच्छाई का संदेश फैलाएं। तरावीह मुकम्मल होने के बाद नमाजियों ने बच्चों को मुबारकबाद दी और उनके लिए दुआएं कीं। रमजान के इस मुबारक महीने में नन्हे बच्चों द्वारा कुरआन पाक की इस तरह खूबसूरत तिलावत और तरावीह मुकम्मल कराना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और खुशी का विषय बना हुआ है।
