सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में ‘तनाव मुक्त प्रबंधन’ की पहल

वनकर्मियों और परिवारों के लिए जंगल सफारी, नई ऊर्जा के साथ लौट रहे कर्मचारी

सोहागपुर// वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा में दिन-रात तैनात कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। ‘तनाव मुक्त प्रबंधन’ के तहत कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को जंगल सफारी का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से तरोताजा होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। क्षेत्र संचालक राखी नंदा एवं उपसंचालक ऋषिभा सिंह नेताम के निर्देशन में यह पहल जनवरी 2026 से प्रारंभ की गई। ज्ञात हो कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कार्यरत कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में, अक्सर परिवार से दूर रहकर अपनी सेवाएं देते हैं। लगातार ड्यूटी, वन्यजीवों की निगरानी और जंगल की चुनौतियों के बीच मानसिक दबाव स्वाभाविक है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने यह अभिनव कदम उठाया है।

मढ़ई, चूरना और पचमढ़ी में सफारी का प्रावधान
योजना के अंतर्गत कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए मढ़ई, चूरना तथा पचमढ़ी क्षेत्र में जंगल सफारी की व्यवस्था की गई है। अब तक 75 कर्मचारी एवं उनके परिवारजन मढ़ई क्षेत्र में सफारी का लाभ उठा चुके हैं। प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना और उनके परिवारों को कार्यस्थल के वातावरण से परिचित कराना है। इससे परिवारों में आपसी संवाद और समझ बढ़ेगी, वहीं कर्मचारी भी नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अपने दायित्वों में जुट सकेंगे।

कर्मचारियों ने जताया आभार:- सफारी में शामिल कर्मचारियों एवं उनके परिवारों ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि जंगल के प्राकृतिक वातावरण में परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव में उल्लेखनीय कमी आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वन विभाग जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए इस प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य उन्मुख कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की यह पहल न केवल कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अन्य वन क्षेत्रों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है।

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