पत्रकार:- शेख आरिफ।
शोभापुर | बंजारी पूरा क्षेत्र में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब पांच वर्ष पहले लापता हुआ बालक आखिरकार सकुशल अपने घर लौट आया। रहीश पेंटर का पुत्र शाहरुख शाह (लगभग 18 वर्ष), जो मानसिक रूप से कमजोर बताया जाता है, करीब पांच साल पहले अचानक घर से लापता हो गया था। लंबे इंतजार, चिंता और अनिश्चितता के बाद अब परिवार की सूनी आंखों में फिर से चमक लौट आई है। परिजनों के अनुसार, शाहरुख के गुम होने के बाद परिवार ने हरसंभव प्रयास किए। रिश्तेदारों से संपर्क, आसपास के इलाकों में तलाश और दुआओं का सिलसिला लगातार जारी रहा, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही थी। समय बीतता गया, मगर उम्मीद की लौ बुझने नहीं दी गई।
बीते दिन गाडरवारा के पास एक गांव में शाहरुख को उनके ही एक रिश्तेदार ने पहचान लिया। मानसिक स्थिति के चलते वह इधर-उधर भटक रहा था। रिश्तेदार ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत परिवार को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पहचान की पुष्टि कर शाहरुख को सुरक्षित अपने साथ घर ले आए।

घर वापसी का वह क्षण बेहद भावुक था। मां-बाप की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मोहल्ले में जैसे त्योहार का माहौल बन गया। रिश्तेदार, मित्र और पड़ोसी लगातार घर पहुंचकर परिवार को बधाई दे रहे हैं और शाहरुख के सकुशल मिलने पर खुशी जाहिर कर रहे हैं। परिवार ने ईश्वर और सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने कठिन समय में उनका साथ दिया। पांच साल की लंबी जुदाई के बाद बेटे की वापसी ने न केवल एक परिवार को, बल्कि पूरे मोहल्ले को सुकून और खुशियों से भर दिया है।
