शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण, प्रशासनिक आदेश बेअसर

एसडीएम के निर्देशों के बावजूद जारी कार्य से उठे गंभीर सवाल

सोहागपुर। ग्राम पंचायत शोभापुर के बरेली रोड पर स्थित छोटे घास की शासकीय भूमि पर जारी पक्के निर्माण कार्य ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। जानकारी के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि संबंधित स्थल का निरीक्षण कर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य रुकने के बजाय लगातार जारी है, जिससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय सूत्र बताते है कि उक्त छोटे घास की भूमि का खसरा नंबर 164/165/111 है जो लगभग तीन से चार एकड़ भूमि है प्रारंभिक स्तर पर कुछ समय के लिए निर्माण कार्य पर विराम लगा था, किंतु बाद में गतिविधियां पुनः शुरू हो गईं। यह स्थिति न केवल राजस्व अमले की निष्क्रियता को उजागर करती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि जमीनी स्तर पर आदेशों का पालन कराने की इच्छाशक्ति का अभाव है। यदि सक्षम अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों का क्रियान्वयन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा, तो यह प्रशासनिक ढांचे की कमजोरी को दर्शाता है।

क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य किसके संरक्षण में जारी है और जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से परहेज क्यों कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि आम नागरिक द्वारा मामूली अतिक्रमण किया जाए तो तत्काल नोटिस और दंडात्मक कार्रवाई होती है, लेकिन इस मामले में स्पष्ट आदेशों के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए गए। इससे दोहरे मापदंड अपनाने की आशंका भी प्रबल हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शासकीय भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि आदेश जारी होने के बाद भी उनका पालन नहीं कराया जाता, तो इससे शासन की विश्वसनीयता और कानून व्यवस्था दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अब आवश्यकता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जाए और अवैध निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

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