मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 26 IAS अधिकारियों के तबादले

सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अहम जिम्मेदारी कई, जिलों में बदले कलेक्टर

प्रशासनिक कसावट और सुशासन की दिशा में सरकार का बड़ा कदम

सोहागपुर/भोपाल// मध्यप्रदेश शासन ने गुरुवार को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 26 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस आदेश में सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन के हस्ताक्षर से जारी आदेश में राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में व्यापक बदलाव किए गए हैं। इस फेरबदल में मंत्रालय स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक संतुलन बनाने की कोशिश स्पष्ट रूप से नजर आती है। इस तबादला सूची में सबसे ज्यादा असर कलेक्टर स्तर पर देखने को मिला है। भोपाल, रीवा, नर्मदापुरम, सिवनी, झाबुआ, बैतूल, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, मैहर, दमोह और मंडला जैसे जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है।
प्रियंक मिश्रा को भोपाल का नया कलेक्टर बनाया गया है। सोमेश मिश्रा अब नर्मदापुरम जिले की कमान संभालेंगे। नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा भेजा गया है। नेहा मीना सिवनी की नई कलेक्टर होंगी। डॉ. योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ की जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. सौरभ संजय सोनवणे बैतूल के नए कलेक्टर होंगे। इसके अलावा कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व पूरी तरह बदल दिया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन में नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है।

सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अहम भूमिका
इस फेरबदल का सबसे चर्चित नाम सोनिया मीणा का है, जिन्हें नर्मदापुरम कलेक्टर पद से हटाकर वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वित्त विभाग में उनकी नियुक्ति को सरकार का एक रणनीतिक और भरोसेमंद निर्णय माना जा रहा है, क्योंकि यह विभाग राज्य की आर्थिक नीतियों का केंद्र होता है।
मंत्रालय स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव:- राज्य शासन ने केवल जिलों में ही नहीं, बल्कि मंत्रालय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं— शिल्पा गुप्ता को गृह विभाग का सचिव बनाया गया है, अभिषेक सिंह को स्कूल शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ किया गया है, रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन बदलावों से साफ है कि सरकार प्रशासनिक अनुभव का बेहतर उपयोग करने की रणनीति पर काम कर रही है।
अन्य प्रमुख तबादले:- कृष्ण गोपाल तिवारी – सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, श्रीकांत बनोठ – आयुक्त, नर्मदापुरम संभाग संदीप जी.आर. – श्रम आयुक्त, इंदौर, शीतला पटले – सचिव, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग सुधीर कुमार कोचर – उप सचिव, मुख्यमंत्री / एपको

अतिरिक्त प्रभार में भी बदलाव:- आदेश में कुछ अधिकारियों को दिए गए अतिरिक्त प्रभार भी समाप्त किए गए हैं— सोनाली पोंक्षे वायंगणकर को सामाजिक न्याय विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया जाएगा। दीपक आर्य को एपको के अतिरिक्त प्रभार से हटाया जाएगा।
तन्वी हुड्डा को श्रम आयुक्त के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया जाएगा। डॉ. कैलाश बुंदेला को विमानन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से हटाया जाएगा।
क्या संकेत देता है यह फेरबदल:- राज्य सरकार का यह कदम प्रशासनिक कसावट, कार्यकुशलता और बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि— जिलों में नए कलेक्टरों की तैनाती से स्थानीय प्रशासन में गति आएगी। अनुभवी अधिकारियों को मंत्रालय में भेजकर नीतिगत निर्णयों को मजबूती मिलेगी विभागीय स्तर पर बदलाव से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। मध्यप्रदेश में हुआ यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में शासन की कार्यप्रणाली पर सीधा असर डालेगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नए पदस्थ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में किस तरह से परिणाम देते हैं और सरकार की प्राथमिकताओं को जमीन पर कैसे उतारते हैं।

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